आज का समय ऐसा है,जहां हर कोई संबंध बनाना चाहता है। चाहे वह संबंध दोस्ती का हो प्यार का हो या फिर कोई और।
सही व्यक्ति का चुनाव कैसे करें? कुछ बातें जो खुद से की जाए संबंध बनाने से पहले।
संबंध क्या है:-
संबंध दो या दो से अधिक लोगों के बीच में बनता है जहां पर एक समय काल में व्यक्ति एक दूसरे की अच्छाई की तरफ आकर्षित होकर सामाजिक बंधनों को अपने हिसाब से ढाल कर उसमें जीता है यह जीना चाहता है।
संबंध में आने की उम्र:-
संबंध में आने के लिए सबसे पहले व्यक्ति को वास्तविकता में जीना चाहिए।जब कोई व्यक्ति जवान होता है तो तैयार है संबंध बनाने के लिए लेकिन निर्भर करता है परिवार का बर्ताव,उसकी बौद्धिक क्षमता तथा समाज का वातावरण। मुख्यता का एक व्यक्ति 14 वर्ष की उम्र में संबंध बनाने के लिए तैयार हो जाता है वहीं 19 वर्ष का व्यक्ति कई बार तैयार नहीं होता है। हम अक्सर देखते हैं कि महिलाएं जल्दी परिपक्व हो जाती है पुरुष की तुलना में तो हम कह सकते हैं कि महिलाएं जल्दी तैयार हो जाती है इस संबंध में आने के लिए। यह निर्भर करता है व्यक्ति के परिपक्वता तथा वातावरण के आधार पर।
संबंध में आने से पहले:-
संबंध में आने से पहले संबंध की अच्छाइयां या बुराइयां यानी परिणाम को समझना चाहिए। जब भी हम अपने से दूसरे लिंग की तरफ आकर्षित होते हैं तो हमें आत्मनिर्भरता, सामाजिक क्रिया, इज्जत,श्रेय तथा गौरव दूसरे व्यक्ति के प्रति अपना लेना चाहिए। जब भी हम संबंध बनाने के लिए जल्दबाजी करते हैं तो यह हमारे शारीरिक भावपूर्ण तथा सामाजिक स्तर पर खतरा साबित बन सकता है।
किसी व्यक्ति की तरफ आकर्षित होते वक्त हमें व्यक्ति को तीन अक्षर पर समझना चाहिए।
आत्मा, दिमाग तथा शारीरिक स्वरूप। अगर आप व्यक्ति की तरफ शारीरिक स्वरूप देखकर आकर्षित हुए हो तो आपको रुक जाना चाहिए। क्योंकि ऐसा संबंध नहीं चलता। अगर आप व्यक्ति के आत्मा तथा उसके दिमाग की परिपक्वता की तरफ आकर्षित हुए हो तो समझ कर जाना चाहिए। क्योंकि एक स्वास्थ्य संबंध की शुरुआत अध्यात्मिक तथा बौद्धिक के विभिन्न स्तर उद्देश्य, प्रेरणा, दिलचस्पी, ख्याल तथा खासियत से होकर गुजरता है।
जब भी हम किसी संबंध में जाने का विचार कर रहे हैं तो हमें उम्मीदें समझौता अवहेलना को मध्य नजर रखकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
1:- जब आप पसंद, जरूरत और चाहिए मैं अंतर स्पष्ट कर सकते हैं तो आप कुछ हद तक तैयार हैं हो चुके हैं लेकिन आप को समझना होगा कि सिर्फ व्यक्ति पसंद है ना की जरूरत है या चाहिए।
2:- अभी आप अकेले हैं लेकिन जब आपका संबंध बिगड़ने लगेगा तो आप अकेले नहीं अकेलेपन में होंगे तो इसके लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
3:- जब भारतीय केला होता है तो वह पूर्णता पूर्ण होता है शारीरिक, भावपूर्ण, आध्यात्मिक तथा भौतिक रूप में। वही जब व्यक्ति संबंध में होता है तो इसका अभाव होता है।
4:- जब व्यक्ति खुद से ही प्यार नहीं करता तो यह मुश्किल है कि वह दूसरे से प्यार करेगा। संबंध में आने से पहले हमें खुद पर ही रोक होनी चाहिए खुद से ना कि दूसरों के द्वारा।
5:- इस बात पर जरूर ध्यान देगी आप संबंध बनाते हैं तो आपका वक्त, प्राथमिकता सब बदल जाता है और हमें अपने समय का बंटवारा करना पड़ता है।
6:- आप के संबंध में चाहे प्रसन्नता, उत्पादकता, नयापन, एक समान दिलचस्पी, आपकी समझदारी हो लेकिन अध्यात्मिकता के अभाव से संबंध बिगड़ने का खतरा हमेशा रहता है।
7:- संबंध में आने से पहले व्यक्ति को अंदाजा होता है आदतें, व्यवहार, विचार और व्यक्ति के व्यक्तित्व के आधार पर की संबंध कितना कारगर होगा।
8:- घनिष्ठता तथा मित्रता की कमी किसी भी स्तर पर आ सकती है चाहे आप का संबंध शारीरिक ही क्यों ना हो गया हो। मित्रता कोई बाहरी दबाव नहीं है यह आंतरिक विचार, इच्छा, चाहत, स्वपन, विश्वास का मिलाजुला भाव है। कई लोगों को लगता है मित्रता को पाने के लिए शारीरिक संबंध बनाया जाए जोकि सरासर गलत है।
9:- संबंध बंधक नहीं है साहचर्य है। एक साथ रहने का मतलब यह नहीं आप साथ ही रहेंगे। लेकिन सच्चा संबंध वही है जहां संबंध का रिश्ता दिल और आत्मा से हो।
और अगर अभी आपको चाहत है प्रिय और प्रियतम की बजाए मित्र बनाने की तो शायद शायद आप कुछ हद तक तैयार है संबंध के लिए।
आशा करता हूं आपका संबंध लंबा चले।
प्रभाकर
सही व्यक्ति का चुनाव कैसे करें? कुछ बातें जो खुद से की जाए संबंध बनाने से पहले।
संबंध क्या है:-
संबंध दो या दो से अधिक लोगों के बीच में बनता है जहां पर एक समय काल में व्यक्ति एक दूसरे की अच्छाई की तरफ आकर्षित होकर सामाजिक बंधनों को अपने हिसाब से ढाल कर उसमें जीता है यह जीना चाहता है।
संबंध में आने की उम्र:-
संबंध में आने के लिए सबसे पहले व्यक्ति को वास्तविकता में जीना चाहिए।जब कोई व्यक्ति जवान होता है तो तैयार है संबंध बनाने के लिए लेकिन निर्भर करता है परिवार का बर्ताव,उसकी बौद्धिक क्षमता तथा समाज का वातावरण। मुख्यता का एक व्यक्ति 14 वर्ष की उम्र में संबंध बनाने के लिए तैयार हो जाता है वहीं 19 वर्ष का व्यक्ति कई बार तैयार नहीं होता है। हम अक्सर देखते हैं कि महिलाएं जल्दी परिपक्व हो जाती है पुरुष की तुलना में तो हम कह सकते हैं कि महिलाएं जल्दी तैयार हो जाती है इस संबंध में आने के लिए। यह निर्भर करता है व्यक्ति के परिपक्वता तथा वातावरण के आधार पर।
संबंध में आने से पहले:-
संबंध में आने से पहले संबंध की अच्छाइयां या बुराइयां यानी परिणाम को समझना चाहिए। जब भी हम अपने से दूसरे लिंग की तरफ आकर्षित होते हैं तो हमें आत्मनिर्भरता, सामाजिक क्रिया, इज्जत,श्रेय तथा गौरव दूसरे व्यक्ति के प्रति अपना लेना चाहिए। जब भी हम संबंध बनाने के लिए जल्दबाजी करते हैं तो यह हमारे शारीरिक भावपूर्ण तथा सामाजिक स्तर पर खतरा साबित बन सकता है।
किसी व्यक्ति की तरफ आकर्षित होते वक्त हमें व्यक्ति को तीन अक्षर पर समझना चाहिए।
आत्मा, दिमाग तथा शारीरिक स्वरूप। अगर आप व्यक्ति की तरफ शारीरिक स्वरूप देखकर आकर्षित हुए हो तो आपको रुक जाना चाहिए। क्योंकि ऐसा संबंध नहीं चलता। अगर आप व्यक्ति के आत्मा तथा उसके दिमाग की परिपक्वता की तरफ आकर्षित हुए हो तो समझ कर जाना चाहिए। क्योंकि एक स्वास्थ्य संबंध की शुरुआत अध्यात्मिक तथा बौद्धिक के विभिन्न स्तर उद्देश्य, प्रेरणा, दिलचस्पी, ख्याल तथा खासियत से होकर गुजरता है।
जब भी हम किसी संबंध में जाने का विचार कर रहे हैं तो हमें उम्मीदें समझौता अवहेलना को मध्य नजर रखकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
1:- जब आप पसंद, जरूरत और चाहिए मैं अंतर स्पष्ट कर सकते हैं तो आप कुछ हद तक तैयार हैं हो चुके हैं लेकिन आप को समझना होगा कि सिर्फ व्यक्ति पसंद है ना की जरूरत है या चाहिए।
2:- अभी आप अकेले हैं लेकिन जब आपका संबंध बिगड़ने लगेगा तो आप अकेले नहीं अकेलेपन में होंगे तो इसके लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
3:- जब भारतीय केला होता है तो वह पूर्णता पूर्ण होता है शारीरिक, भावपूर्ण, आध्यात्मिक तथा भौतिक रूप में। वही जब व्यक्ति संबंध में होता है तो इसका अभाव होता है।
4:- जब व्यक्ति खुद से ही प्यार नहीं करता तो यह मुश्किल है कि वह दूसरे से प्यार करेगा। संबंध में आने से पहले हमें खुद पर ही रोक होनी चाहिए खुद से ना कि दूसरों के द्वारा।
5:- इस बात पर जरूर ध्यान देगी आप संबंध बनाते हैं तो आपका वक्त, प्राथमिकता सब बदल जाता है और हमें अपने समय का बंटवारा करना पड़ता है।
6:- आप के संबंध में चाहे प्रसन्नता, उत्पादकता, नयापन, एक समान दिलचस्पी, आपकी समझदारी हो लेकिन अध्यात्मिकता के अभाव से संबंध बिगड़ने का खतरा हमेशा रहता है।
7:- संबंध में आने से पहले व्यक्ति को अंदाजा होता है आदतें, व्यवहार, विचार और व्यक्ति के व्यक्तित्व के आधार पर की संबंध कितना कारगर होगा।
8:- घनिष्ठता तथा मित्रता की कमी किसी भी स्तर पर आ सकती है चाहे आप का संबंध शारीरिक ही क्यों ना हो गया हो। मित्रता कोई बाहरी दबाव नहीं है यह आंतरिक विचार, इच्छा, चाहत, स्वपन, विश्वास का मिलाजुला भाव है। कई लोगों को लगता है मित्रता को पाने के लिए शारीरिक संबंध बनाया जाए जोकि सरासर गलत है।
9:- संबंध बंधक नहीं है साहचर्य है। एक साथ रहने का मतलब यह नहीं आप साथ ही रहेंगे। लेकिन सच्चा संबंध वही है जहां संबंध का रिश्ता दिल और आत्मा से हो।
और अगर अभी आपको चाहत है प्रिय और प्रियतम की बजाए मित्र बनाने की तो शायद शायद आप कुछ हद तक तैयार है संबंध के लिए।
आशा करता हूं आपका संबंध लंबा चले।
प्रभाकर
@rdx_prabhakar
Bhot hard bhot hard
ReplyDeleteBahut acha
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